यूक्रेन से सकुशल वापस घर लौटा बेटे को पाकर माता पिता के साथ परिजनों के आंखों से आंसू छलका
सिकन्दरपुर, (बलिया) । स्थानीय थाना क्षेत्र के हडसर बंसी बाजार निवासी डॉक्टर पारसनाथ के घर के लोगों की खुशी उस समय देखते बनी जब उनका पुत्र राहुल यूक्रेन से सकुशल वापस घर लौटा बेटे को पाकर माता पिता के साथ परिजनों के आंखों से आंसू छलक गए। राहुल की माने तो यूक्रेन से उसे आने में 6 दिन लग गए उन दिनों की याद करते करते राहुल की भी आंखें नम हो जा रही थी उसे यह लग रहा था कि शायद मैं घर पहुंच पाऊंगा कि नहीं पहुंच पाऊंगा लेकिन हौसला बुलंद था और केंद्र सरकार पर विश्वास था कि उसे अपने घर पहुंचने में देर लगेगी पर दुरुस्त पहुंच जाऊंगा हुआ भी यही राहुल यूक्रेन के ओडिशा मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल में रहकर मेडिकल की पढ़ाई करता था जब यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू हुआ तो वह भी अपने घर पहुंचने की जद्दोजहद कर आखिरकार शनिवार की सुबह पहुंच ही गया ।
पत्रकार वार्ता में राहुल नें बताया कि 26 फरवरी को हम बस से 17 घंटे का सफर करके रोमानिया के बॉर्डर से 10 किलोमीटर पहले पहुंचे वहां से रूमानिया का बॉर्डर 10 किलोमीटर दूर था लेकिन वहां दो हजार के करीब लड़के लड़कियां थे उसमें यह नहीं समझ में आया कि 10 किलोमीटर हम लोग कैसे चल पाए किसी तरह रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंच गए रोमानिया में भी 18 घंटे के लंबे इंतजार के बाद किसी तरह केंद्र सरकार के सहयोग से शेल्टर के लिए रवाना किया गया
वहां 2 दिन रहने के बाद इंडियन एयर फोर्स के जहाज से रोमानिया से हमको हिंडन एयरपोर्ट गाजियाबाद लाया गया गाजियाबाद से हम ट्रेन से बेल्थरा रोड पहुंचे वहां से अपने घर आए घर पहुंचते ही मां बाप और परिवार को देखकर काफी खुशी हुई वहां का नजारा जब भी दिमाग में आता है देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मां पुष्पा देवी व बहन प्रियंका चन्द्रा के खुशी का ठिकाना देखते ही बन रहा था। हालांकि गांव के अगल-बगल के लोग व दोस्त भी राहुल के घर पहुंच कर उसे बधाई देते रहे।
रिपोर्ट - शैलेन्द्र गुप्ता
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