महिला का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला, शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सिकंदरपुर (बलिया) । तहसील क्षेत्र के मटूरी गांव में 23 वर्षीय महिला का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला।मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बलिया भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार तहसील क्षेत्र के मटूरी गांव निवासी अब्दुल सलाम की पत्नी शमा परवीन उम्र 23 शुक्रवार की रात में किसी समय जिस कमरे रहती थी उसी कमरे में रोशनदान की छड़ में अपने दुपट्टे से फांसी के फंदा लगाकर अपनी एहलीला समाप्त कर ली। जब उसकी 6 महीने की लड़की रोने लगी तो परिजन दौड़कर दरवाजे के पास गए। दरवाजे को पीटने लगे। दरवाजा नहीं खुला तो गांव के लोगों को बुलाकर दरवाजे को तोड़ा गया तो देखा कि शमा परवीन रोशनदान में दुपट्टे से फंदा लगाकर झुली हुई है। महिला का शव नीचे उतारकर बेड पर लिटा दिए।और तुरंत पुलिस को सूचना दिया गया। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी भूषण वर्मा, प्रभारी निरीक्षक योगेश यादव, एसडीएम शैलेश कुमार ने शव को अपने कब्जे में लेकर थाने लेकर आए,जहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।परिजनो ने शमा परवीन के मायके शिकरिया कला थाना गड़वार शमा परवीन के भाई अरशद कमाल को सूचना दिया वह लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को पोस्टमार्टम कराने के लिए आवेदन दिए। पुलिस शमा परवीन को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया शमा परवीन का पति अब्दुल सलाम हैदराबाद में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है जो मौके पर नहीं था। घर में ससुर भसुर और देवर मौजूद थे।तीनो को पुलिस ने थाने पर लेकर आई है। थानाध्यक्ष सिकंदरपुर योगेश यादव के द्वारा बताया गया कि सूचना मिलने पर घटना स्थल पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। विधिक कार्रवाई हो रही है। तहरीर के अनुसार मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है।
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गड़वार थाना क्षेत्र के सिकरिया कला गांव निवासी ऐनुल कमाल की पुत्री शमा परवीन का विवाह डेढ़ वर्ष पहले सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के मटूरी गांव में किताबुद्दीन खान के पुत्र अब्दुल सलाम उर्फ हीरो से मुस्लिम रीति रिवाज से हुई थी। मृत शमा परवीन के भाई अरशद कमाल शादी के कुछ महीनों बाद हुई दोनों पति-पत्नी के बीच एक तीसरी लड़की को लेकर आपस में विवाद पैदा हो गया, जिसकी शिकायत शमा परवीन ने अपने मायके वालों से भी की थी। मृतिका का पति अब्दुल सलाम अपनें एक भाई के साथ हैदराबाद मे रहकर किसी प्राइवेट कम्पनीं में काम करता है। वहां से भी फोन द्वारा उक्त लड़की को लेकर रोजाना झगड़ा लड़ाई होती थी। वही आए दिन झगड़ा लड़ाई को लेकर परेशान हो चुकी शमा परवीन ने अपने भाई अरशद कमाल को शुक्रवार की रात्रि को फोन किया था कि मुझे बिदा करा कर शिकरिया कला ले चलें।जिस पर अरशद कमाल ने मृतिका के जेठ अब्दुल कलाम उर्फ मंसूर से फोन पर अपनीं बहन के विदाई के लिए बात की। जिस पर अब्दुल कलाम द्वारा बताया गया कि मेरी पत्नी बीमार है उसका इलाज चल रहा है 10-15 दिन में वह ठीक हो जाती है तो इसकी विदाई कर दी जाएगी, जिस पर मृतिका के भाई अरशद कमाल नें दोबारा अपने बहन को फोन करके कहा कि तुम्हारे जेठ से मेरी बात हुई है परंतु वह विदा करने के लिए अभी राजी नहीं है अपने पत्नी के आने के बाद ही तुम्हें वह विदा करेंगे।
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शनिवार की सुबह शमा परवीन की मौत की खबर सुनकर पहुंचे अरशद कमाल ने पत्रकार वार्ता में बताया है कि, मैं जब सूचना पाकर मेरी बहन के ससुराल (मटूरी) पहुंचा हूं तो, इन लोगों के बताए हुए बातों पर विश्वास कर लिया था , परंतु जब मैंने अपने बहन का फोन इन लोगों से मांगा तो यह लोग आनाकानी करने लगे, तब मैंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर आप लोग फोन नहीं देते हैं तो मैं डायल 112 पुलिस को बुला लूंगा, तब जाकर इन्होंने मुझे फोन दिया है।
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वही अरशद कमाल नें सिकंदरपुर थाने को लिखित तहरीर लिखा है कि आज दिनांक 24- 9-2022 को समय 6:00 सुबह टेलीफोन से सूचना मिली कि मेरी बहन शमा परवीन ने रोशनदान से लटक कर फांसी लगा लिया है। जब हम लोग अपने बहन के घर पहुंचे तो वहां पर किताब उद्दीन(बहन का ससुर) अब्दुल कलाम उर्फ मंसूर तथा देवर नवाब खान मौके पर मौजूद थे तथा बहन का शव उसके कमरे में बेड पर पड़ा था।तथा चादर से ढका था मेरे बहन की मृत्यु पर शंका है मृत्यु की सही कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराने की कृपा की जाए।
रिपोर्ट - शैलेन्द्र गुप्ता


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