पोखरे की मिट्टी को निकाल कर बड़े पैमाने पर की जा रही बिक्री
सिकन्दरपुर (बलिया) विकासखंड नवानगर के ग्रामसभा सीसोटार अंतर्गत आदमपुर गांव के सरकारी 4 एकड़ में फैले सरकारी पोखरे का पानी पट्टा धारकों द्वारा निकालकर हजारों ट्राली माटी पोखरे से निकालकर बेच दिया गया है। जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर अरुण कुमार मिश्र को शनिवार को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर पोखरे में हो रहे लूट खसोट को रोकने व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। ज्ञात हो कि उक्त पोखरे को मत्स्य विभाग द्वारा लिलकर निवासी भागवत बिंद इत्यादि को पट्टे पर दिया गया था। लेकिन विगत कुछ दिनों पूर्व पोखरे का पानी पंपिंग सेट से निकालकर उसमें से हजारों ट्राली मिट्टी बेच दिया गया।जब इसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा उप जिलाधिकारी से की गई तो उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए चकबंदी विभाग के लेखपाल व क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर पुलिस के साथ भेजा और जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। मौके पर जब लेखपाल व पुलिस पहुंचे तो वहां मिट्टी खुदाई का कार्य जारी था जिसके बाद पुलिस द्वारा रोक दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ राज्य सरकार पोखरे व तालाबों के रखरखाव के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है वही इस गांव में माफियाओं द्वारा पोखरे को तहस-नहस किया जा रहा है अगर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।गांव वालो ने बताया की उस पोखरे में चारों तरफ कमल का फूल भी खिलता था जिसे पंपिंग सेट पानी निकालकर जोत दिया गया है। जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
रिपोर्ट - जितेन्द्र राय

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