500 मीटर की दूरी तय करने के लिए 4 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है
मनियर (बलिया)। कहा जाता है कि सड़क विकास की रीढ़ है ।यदि सड़क न हो तो गांव के विकास का कोई मायने नहीं है ।सरकार गांव की सड़कों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार का बाधा उत्पन्न न लेकिन ग्राम पंचायत सरवार ककरघट्टी में सड़क काट दिए जाने से मात्र 500 मीटर की दूरी तय करने के लिए लोगों को अपने ही ग्राम पंचायत में 4 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है ।
बात हम कर रहे हैं गंगापुर से सरवार ककरघट्टी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की। जैसे ही सड़क का निर्माण हुआ। पिछली बरसात में मूसलाधार बारिश के कारण सड़क पर साइफन न डालने के कारण लोगों के घरों में पानी घुसने लगा था ।तत्कालीन नायब तहसीलदार बांसडीह अंजू यादव मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन से दो जगह सड़क पर पानी निकास के लिए सड़क को कट करवा दी। बरसात समाप्त हो गया उसके बाद भी आज तक न तो सड़क पर साइफन पड़ा नहीं मिट्टी भरा कर सड़क सही किया गया। सूत्रों की माने तो कट वाले स्थान पर काश्तकार साइफन लगाने नहीं दे रहे हैं जिसकी वजह से आम जनमानस को परेशानी उठाना पड़ रहा है।
उस समय पानी निकास के लिए सड़क कट कराना तो जरूरी था लेकिन अब पानी सूख जाने के बाद साइफन लगाकर सड़क मरम्मत करने की जरूरत है ताकि आवागमन बहाल हो सके। उस समय पानी निकास कराने के लिए सड़क का कट कराना जरूरी था लेकिन वही सड़क का कट कराना इस समय मुसीबत बन गया है। किसी फिल्म के गीत इस पर सटीक बैठ रही है कि कभी-कभी कंगना कटार बन जाला। यह सड़क लोगों के लिए कटार बन गई है। इसी रास्ते से सरवार ककरघट्टी के बंगला पर विद्यालय में पढ़ने के लिए बच्चे जाते हैं तथा वहीं पर पंचायत भवन भी है।
रिपोर्ट - वीरेंद्र सिंह
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