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22 वर्षीय अमरेश राज ने अपने संगीत से सबका मन मोहा


 सिकंदरपुर(बलिया) । इस देवभूमि पर एक से बढ़कर एक कलाकार अपनी अमिट छाप छोड़ कर चले गए।जिनके गीतों के युवाओं से लेकर पहाड़ के बुजुर्गों तक सभी दीवाने हुए हैं।आज हम आपको एक ऐसे ही गायक से रूबरू करा रहे हैं जिसने 10 वर्ष की छोटी उम्र से ही इस संगीत की दुनिया में आया। वही अमरेश कुमार राज जो ग्राम गौरी, पोस्ट सिकंदरपुर का निवासी हैं।जिसने "मनवा लागे ना कालेज में"और "करे का जिला बलिया जालू" को अपनी मधुर आवाज देकर लोगों को सोशल मीडिया और यूट्यूब पर अपनी मधुर आवाज का मुरीद बना दिया। बताते चले कि अमरेश राज अपनी सुरीली आवाज में निरगुन भी गाता है। इसमें कोई शक नहीं है कि इस देवभूमि के हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा छिपी हुई है। बस जरूरत है तो ऐसे बच्चों के हुनर को निखारने की, यह उन सभी के लिए एक सीख है जो कहते हैं कि आज की युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति को भूल चुकी है। वहीं  अमरेश राज के पिता छोटे लाल भारद्वाज मेहनत और मजदूरी का काम करते हैं। अमरेश राज के गुरु सतीश यादव तथा उनके कलाकार का नाम मुन्ना माइकल है।


रिपोर्ट - शैलेन्द्र गुप्ता

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