डाक्टर संजय राय के एम्पावर्ड प्रोग्राम कमेटी का सदस्य बनने से लीलकर गांव में जश्न का माहौल
सिकन्दरपुर(बलिया) । तहसील क्षेत्र के लीलकर गांव का प्रत्येक व्यक्ति आज अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।गांव के कुछ परिवारों में जहां जश्न का माहौल है वहीं आम जनता में खुशी और उत्साह की एक लहर सी दौड़ रही है।कारण कि इस गांव की माटी के लाल ने एक नई उपलब्धि हासिल की है।एम्स दिल्ली में कार्यरत डॉ संजय राय इसी लीलकर गांव के निवासी है और एक जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते हैं।कोरोना महामारी के समय टीका को वैक्सीन का अनुसंधान कर के उन्होंने लोगों को इस महामारी से सुरक्षा प्रदान करने का महती कार्य किया था।इस से बलिया जनपद के मान काफी बढ़ा था।उनकी इस योग्यता और क्षमता से प्रभावित हो कर भारत सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन(एन एच एम)के अन्तर्गत सर्वोच्च नीति निर्धारक और संचालन संस्थान ई पी सी (एम्पावर्ड प्रोग्राम कमेटी)का सदस्य नियुक्त कर उनकी हौसला अफजाई की है।इस दूसरी महत्वपूर्ण उपलब्धि ने डॉ संजय के कद को नई ऊंचाई दी है।इस के पूर्व उनके गांव में किसी ने कल्पना भी नहीं कि होगी कि एक दिन ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े संजय राय डाक्टर बन कर राष्ट्रीय पटल पर स्थापित हो जाएंगे।सफलता उनके कदम चूमेगी और उनके साथ साथ लीलकर गांव व बलिया जनपद के नाम भी राष्ट्रीय पटल पर स्थापित हो जायेगा।यही भावना आज हर लीलकर वासी के मन में आन्दोलित हो रही है।साथ ही लोग कामना कर रहे हैं कि विश्व पटल के उच्चतम शिखर वे स्थापित हों जिस का आरम्भ को वैक्सीन के मुख्य अनुसंधान कर्ता के रूप में हो भी चुका है।
रिपोर्ट - शैलेन्द्र गुप्ता
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