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जाति प्रमाणपत्र के लिए गोंड जाति का धरना चौथा दिन भी जारी


 सिकन्दरपुर(बलिया) भारत के राजपत्र संविधान, शासनादेश के अनुपालन में गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग को लेकर गोंड़ महासभा के तत्वावधान में स्थानीय तहसील प्रांगण में धरना चौथे दिन भी जारी रहा।गोंड़ महासभा तहसील सिकन्दरपुर के अध्यक्ष हीरालाल गोंड़ के नेतृत्व में चल रहे धरना को सम्बोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने  कहा कि मा0 प्रमुख सचिव उ0प्र0 शासन समाज कल्याण अनुभाग-3, लखनऊ शासनादेश संख्या-129/ 2021/3206/ 26-3-2021 दिनांक 03.11.2021 के अनुपालन कर गोंड़ जाति को जनजाति का प्रमाणपत्र जारी करना अब आवश्यक है।जबकि लेखपालगण द्वारा अभी भी गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। आॅनलाईन आवेदन करने पर आवेदन अस्वीकृत/निरस्त कर दिया जा रहा है जिससे साबित होता है कि जिला व तहसील प्रशासन द्वारा केवल कागजी घोड़ा ही दौड़ाने का काम किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर गोंड जाति का प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। 

आरोप लगाया कि जनपद बलिया में आदिवासी जनजाति समुदाय का उत्पीड़न चरम पर है। आगे कहा कि जाति प्रमाण-पत्र के अभाव में गोंड समुदाय के छात्र नौजवान अगली कक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति व विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करने से वंचित हो जा रहे हैं। इनका उत्पीड़न करने वालों पर संवैधानिक रूप से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जानी चाहिए। यह भी आरोप लगाया गया कि जिला प्रशासन व तहसील प्रशासन बलिया जिले के आदिवासी जनजाति गोंड, खरवार समुदाय की जाति बदलने का कुचक्र रचा जा रहा है। आजादी के दौरान बलिया जिले के कई गोंड लोग स्वतंत्रता संग्राम में बढ़चढ़ कर भाग लिए।1942 अंग्रेजों भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान बैरिया थाने पर अंग्रेजों की गोली से शहीद रामजनम गोंड, विद्यापति गोंड, छठ्ठू खरवार जनजाति समुदाय के लोग ही आज आजाद भारत में ही सबसे ज्यादे उत्पीड़ित है। ज्ञात हो की उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती आवेदन करने का डेट रोज एक एक दिन व्यतीत होता जा रहा है।  जाति प्रमाण पत्र के अभाव में जनजाति गोंड  छात्र नौजवान पुलिस भर्ती आवेदन करने से वंचित होते जा रहे है। आज 1जनवरी 2024 को जाति प्रमाण पत्र जारी करने हेतु जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार जी के हाथों में ज्ञापन सौंपा गया जिस पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा सिर्फ आश्वासन ही दिया गया।कहा कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।

इस अवसर पर गोंड़ समाज के लोगों द्वारा प्रस्तुत किये जा रहे गोड़ऊ नाच धरनास्थल पर मौजूद भीड़ के आकर्षण का केन्द्र बना रहा।धरना में प्रमुख रूप से हीरालाल गोंड़,चन्दन गोंड़ बालूपुर ग्राम प्रधान,गोविन्द गोंड़,दिलीप गोंड़,अशोक गोंड़,चन्द्रमा गोंड़,ज्ञानेश्वर गोंड़,जगन्नाथ गोंड़ अक्षय लाल गोड़ राम जन्म गोंड आदि शामिल रहे।


रिपोर्ट - शैलेन्द्र गुप्ता 




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